परिमेय और अपरिमेय संख्या – परिभाषा, उदाहरण और अंतर | Basic Math Chapter 4 | TheAdilStudy

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Chapter 4. परिमेय और अपरिमेय संख्या – परिभाषा, उदाहरण और अंतर

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अध्याय का परिचय

इस अध्याय में हम परिमेय संख्या (Rational Numbers) और अपरिमेय संख्या (Irrational Numbers) को सरल भाषा में समझेंगे। ये दोनों वास्तविक संख्याओं (Real Numbers) के बहुत महत्वपूर्ण भाग हैं।

इस पोस्ट में हम परिमेय संख्या की परिभाषा, उसकी विशेषताएँ, अपरिमेय संख्या की पहचान, दोनों के बीच अंतर, उदाहरण और आसान diagram की सहायता से पूरे विषय को समझेंगे।

इस अध्याय में हम केवल परिमेय और अपरिमेय संख्याओं को समझेंगे। भिन्न और उनकी गणना का अलग अध्याय बाद में दिया जाएगा।

परिमेय संख्या क्या होती हैं?

वे संख्याएँ जिन्हें P / Q अर्थात भिन्न के रूप में लिखा जा सके, परिमेय संख्याएँ कहलाती हैं।

इसमें:
P = अंश (Numerator)
Q = हर (Denominator)
और Q ≠ 0 होना चाहिए, अर्थात हर शून्य नहीं हो सकता।

उदाहरण:

  • 1/2
  • 3/5
  • -4/7
  • 8/3
  • 10/-9

ये सभी परिमेय संख्याएँ हैं क्योंकि इन्हें P/Q के रूप में लिखा जा सकता है।

परिमेय संख्याओं की विशेषताएँ

  1. हर (Q) कभी भी 0 नहीं हो सकता।
  2. परिमेय संख्याओं का दशमलव रूप या तो समाप्त (Terminating) होता है या दोहराने वाला (Recurring) होता है।
  3. परिमेय संख्याएँ धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य भी हो सकती हैं।

उदाहरण:

  1. 1/2 = 0.5 → समाप्त दशमलव
  2. 1/3 = 0.333… → दोहराने वाला दशमलव

अपरिमेय संख्या क्या होती हैं?

वे संख्याएँ जिन्हें P / Q के रूप में नहीं लिखा जा सकता, अपरिमेय संख्याएँ कहलाती हैं।

इनका दशमलव भाग न तो समाप्त होता है और न ही दोहराता है।

उदाहरण:
√2 ≈ 1.414213562...
π ≈ 3.141592653...
√3 ≈ 1.732050807...

परिमेय और अपरिमेय संख्या में अंतर

  1. परिमेय संख्या को P/Q के रूप में लिखा जा सकता है, जबकि अपरिमेय संख्या को P/Q के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
  2. परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार समाप्त या दोहराने वाला होता है, जबकि अपरिमेय संख्या का दशमलव प्रसार न समाप्त होता है और न दोहराता है।

उदाहरण से समझें

अगर किसी संख्या को भिन्न (Fraction) के रूप में लिखा जा सके, तो वह परिमेय संख्या है। लेकिन यदि उसे भिन्न के रूप में नहीं लिखा जा सकता, तो वह अपरिमेय संख्या होती है।

  1. 1/2 = परिमेय संख्या
  2. √2 = अपरिमेय संख्या
  3. 7 = परिमेय संख्या, क्योंकि 7 को 7/1 लिखा जा सकता है
  4. π = अपरिमेय संख्या

Diagram से समझें

Real Numbers │ ├── Rational Numbers │ ├── Natural Numbers │ ├── Whole Numbers │ └── Integers │ └── Irrational Numbers

निष्कर्ष

परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ वास्तविक संख्याओं (Real Numbers) का महत्वपूर्ण भाग हैं।

  • जो संख्याएँ P/Q के रूप में लिखी जा सकती हैं, वे परिमेय संख्याएँ होती हैं।
  • जो संख्याएँ P/Q के रूप में नहीं लिखी जा सकतीं, वे अपरिमेय संख्याएँ कहलाती हैं।

इन दोनों प्रकार की संख्याओं को समझना गणित के अध्ययन में बहुत महत्वपूर्ण है।

अभ्यास प्रश्न

  • क्या 3/5 परिमेय संख्या है?
  • क्या √5 अपरिमेय संख्या है?
  • क्या 7 एक परिमेय संख्या है?
  • 1/3 का दशमलव रूप क्या होगा?
  • π परिमेय है या अपरिमेय?

उत्तर संकेत

  • हाँ, 3/5 परिमेय संख्या है।
  • हाँ, √5 अपरिमेय संख्या है।
  • हाँ, 7 परिमेय संख्या है क्योंकि 7 = 7/1
  • 1/3 = 0.333...
  • π अपरिमेय संख्या है।

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अन्य Chapters

Chapter 1. संख्याएँ (Numbers)

Chapter 2. संख्या रेखा और पूर्णांकों की गणना

Chapter 3. पूर्ण संख्याएँ


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